बिटकॉइन एक क्रिप्टोकरेंसी या निवेशक मिथक

Bitcoin A Cryptocurrency or Investors myth
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बिटकॉइन: एक क्रिप्टोकरेंसी या निवेशक मिथक

2017 के अंत में बिटकॉइन की कीमत यूएस $1000 से लेकर यूएस $13000 तक इसकी वृद्धि के कारण 2017 में मूल चर्चित विषय बिटकॉइन था । गूगल ने “साल की खोज” के दस्तावेज़ में शीर्ष इन्क्वायरी “बिटकॉइन क्या है ?” और “भारत में बिटकॉइन कैसे खरीदें ?” को रिपोर्ट किया है ।  सपोर्ट में कइयों ने इसे भविष्य की करेंसी, पारंपरिक मौद्रिक व्यवस्था की एक क्रान्तिकारक विकल्प कही हैं । इसमें से कइयों ने आर्थिक बुलबुलेके सृजन के रूप में  और अपराधियों के लिए एक स्वर्ग के रूप में  इसकी भारी वृद्धि होने की व्याख्या की है ।

बिटकॉइन क्या है?

यह पहली विकेंद्रीकृत डिजिटल करेंसी और भुगतान नेटवर्क है जो किसी मध्यस्थ बैंक या सरकार से जुड़ा हुआ नहीं है । किसी भी सामान्य मुद्रा जैसे रुपया या डॉलर एक सार्वभौम सरकार द्वारा नियमित होता है और देश के केंद्रीय बैंक द्वारा छपाई की जाती है । यह विश्वास है कि 500 रुपये का पेपर का एक टुकड़े से हमें लगेगा कि सर्कार ने एक ही मूल्य के कुछ चीज़ दिया है । लेकिन बिटकॉइन किसी भी व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन बनाया जा सकता है । यह पीयर टू पीयर मुद्रा है जो जो इंटरनेट पर किसी भी व्यक्ति द्वारा निकाला जा सकता है ।  इसे ऑनलाइन खरीदा और बेचा भी जा सकता है ।  हालांकि यह लेनदेन नामहरित हैं, क्रिप्टोग्राफी के मध्यम से नेटवर्क नोड्स परखा जाता है ।  बैंकों के बजाय, ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सभी लेनदेन रिकॉर्ड करने के लिए एक ऑनलाइन सार्वजनिक खाते से रखा जाता है ।

क्रिप्टोकरेंसी का इतिहास क्या है?

2008 की वित्तीय संकट पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली की विफलता के कारण हुई थी । जैसे ही बैंकें बन्क्रप्त हो गए, वैसे ही जमाकर्ताओं के पैसे दुब गए ।  कई लोग ने इस संकट के समय अपनी जिंदगी की सारी जमा-पूंजी खो दिए है । इससे बैंकों में पैसा जमा करने पर मौजूद असुरक्षाओं पर ध्यान लाया है ।   इसके परिणाम, सतीसी नाकामोटो, एक व्यक्ति या संगठन ने 2008 में एक अवधारणा श्वेत पत्र ऑनलाइन प्रकाशित किया है । इसमें “वित्तीय संस्थानों के बिना पीर-टू-पीयर से इलेक्ट्रॉनिक नकद ट्रांसफर करने के लिए लेखा प्रणाली” की व्याख्या की गई है । इस प्रकार, बिटकॉइन का जन्म 2009 में हुआ था । नाकामुटो ने बिटकॉइन की अवधारणा और टेक्नोलॉजी को तैयार किये लेकिन 2011 में बिटकॉइन नेटवर्क में सोर्स कोड को दूसरों के पास स्थानांतरित करके और गायब हो गए ।

बिटकॉइन लेनदेन में ब्लॉकचैन क्या है?

बिटकॉइन एक आभासी मुद्रा है जिसे इसे दुनिया भर में पीयर-टू-पीयर नेटवर्क में कंप्यूटरों के बीच स्थानांतरित किया गया है । जब भी कोई व्यक्ति बिटकॉइन को दूसरे में स्थानांतरित करता है, तो एक ब्लॉकचैन नामक एक विशाल सार्वजनिक खाते में एक एंट्री या ब्लॉक बन जाता है । आज तक की सभी बिटकॉइन लेनदेन इस सार्वजनिक खाते में दर्ज किया गया है । कोई भी केंद्रीय प्राधिकारी इस सार्वजनिक खाते को नहीं संभालता, लेकिन कोई भी इसे सँभालने के लिए वालंटियर कर सकता हैं । क्यूंकि बहुत से लोगों ने एक ही बात का ट्रैक रखा हैं इसीलिए रिकॉर्ड में सटीकता है  ।

इसे क्रिप्टोकरेंसी क्यों कहा जाता है?

क्रिप्टोग्राफी का इस्तेमाल डेटा को एन्क्रिप्ट और डिक्रिप्ट करने के लिए किया जाता है जिसे संचार-व्यवस्था निजी और सुरक्षित रहे । जब कोई व्यक्ति बिटकॉइन को स्थानांतरित करता है, तो वे बिटकॉइन नेटवर्क पर दोनों पार्टियों के बिटकॉइन एकाउंट विवरणों की घोषणा करता हैं और इस नेटवर्क में कितने बिटकॉइन को भेजने हैं ।

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पब्लिक की क्रिप्टोग्राफी को अनाम नेटवर्क में लेनदेन को सुरक्षित करने के लिए उपयोग किया जाता है । बिटकॉइन नेटवर्क पर बनाए गए प्रत्येक एकाउंट या वॉलेट दो अद्वितीय कियों से जुड़ा हुआ है – पब्लिक और प्राइवेट । प्राइवेट की में विशेष एन्क्रिप्ट डाटा है जो और उस व्यक्ति का सईन है जो इसे अनोखा बनाता है । केवल एकाउंट होल्डर की का उपयोग कर सकता है । एक बार जब नेटवर्क पर ट्रांसफर की घोषणा हो जाती है, तो अन्य लोग खाते को प्रमाणित करने के लिए पब्लिक की का उपयोग कर सकते हैं । पब्लिक की केवल तभी काम करेगी जब रिक्वेस्ट पर हस्ताक्षर प्राइवेट की के मध्यम से हुए हो ।

 

बिटकॉइन कैसे “प्राप्त” किया जाता हैं?

बिटकिन्स जटिल गणित की प्रोब्लमों को हल करके और रिकॉर्ड रखने के मिश्रण के माध्यम से प्राप्त किया जाता है । वालंटियर के रूप में कई लोग ब्लॉकचैन को बनाये रख सकते हैं । वे सभी लेनदेन के अपने अलग-अलग लेजर बनाए रखते हैं, लेकिन उनमें से केवल एक केंद्रीय लेज़र को अपडेट कर पाता है । प्रत्येक व्यक्ति जो एक लेज़र को संभालता है, यदि वे एक जटिल गणित प्रॉब्लम को हल करने में सबसे तेज़ हैं तो लेन-देन का ब्लॉक जमा कर सकता है । एक क्रिप्टोग्राफिक हैश फ़ंक्शन गणित का प्रॉब्लम सृजन करता है । इस प्रॉब्लम को हल करने के लिए बड़े पैमाने पर बिजली का प्रयोग करके विशेष कंप्यूटरों की आवश्यकता होती है । बदले में, जिसने ब्लॉक को जमा किया है उसे एक बिल्टइन इनाम सिस्टम के अनुसार पुरुस्कार के रूप में बिटकॉइन मिलता है । बिटकॉइन खनिक के लिए हर एक बिटकॉइन को इनाम के रूप में बनाया गया था । यह प्रति ब्लॉक 50 बिटकॉइन के साथ शुरू हुआ था जो घटता गया, और वर्तमान में, इस खनिक को प्रति ब्लॉक 12.5 बिटकॉइन प्रतिफल मिलता है ।

गोल्ड बनाम बिटकॉइन

सोने और बिटकॉइन के बीच कई समानताएं हैं – दोनों एक सीमित मात्रा में हैं, उनकी उच्च कीमतें और दोनों को निवेश के रूप में देखा जाता है । दुनिया में लगभग 171,000 मीट्रिक टन सोना होने का अनुमान है,बिटकॉइन का सप्लाई भी 21 मिलियन बिटकॉइन तक सीमित है । दोनों की सीमित सप्लाई  उनके बढ़ते मूल्य के लिए जिम्मेदार है । परिणामस्वरूप, दुनिया भर के लोग सोने और बिटकॉइन को एक निवेश के रूप में मानते हैं क्योंकि उनका मूल्य समय के साथ बढ़ रहा है । लेकिन जाहिर है, सोना अपने भौतिकता के कारण अधिक विश्वसनीय है, जबकि बिटकॉइन एक जटिल और नई प्रणाली होने के कारण बहुत जोखिमदायक है ।

आभासी मुद्रा का आर्थिक पहलू

जब 2009 में बिटकॉइन का आविष्कार किया गया था, इसका मूल्य लगभग शून्य था क्योंकि इसमें तब कोई लेनदेन नहीं था । 2010 में यह डॉलर से भी कम हो गया । लेकिन पिछले पांच सालों में, बिटकॉइन ने अपने मूल्य में 87000% से अधिक की बढ़ोतरी देखी है । बिटकॉइन के आगमन के बाद से हजारों क्रिप्टोकरेंसीयां बनाए गए हैं । अन्य प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसीयों में एथियरम, रिप्पल, लीटकॉइन हैं ।

बिटकॉइन पर दुनिया का रुख

दुनिया के रुख को बिटकॉइन या किसी आभासी मुद्रा में बाट दिया गया है  । कई लोग इसे वर्तमान आर्थिक मॉडल के लिए एक क्रान्तिकारक और दूरदर्शी विकल्प मानते हैं । वे इसे मौद्रिक व्यवस्था जो हिंसक सरकारों द्वारा शासित होते है और केवल बड़ी कंपनियों को लाभ दे रहे है उसके विरूद्ध विद्रोह के रूप में देखते हैं । इस प्रणाली से भ्रष्टाचार और अक्षमतायें समाप्त होगा और एक वैश्विक मुद्रा और वास्तविक वैश्विक अर्थव्यवस्था स्थापित करेगा ।

 

जो  मुद्रा के खिलाफ है वह इसे एक काल्पनिक बुलबुले के रूप में देखते हैं । बिटकॉइन के लिए यह सबसे बड़ा सवाल है । ऐसा हो सकता है श्रृंखला के अंत में खरीदारों को बुलबुला फटा हुआ मिले और बिटकॉइन में पूरी गिरावट हो । एकाउंट होल्डरों और लेनदेन से जुड़ी अनामिता एक और मुद्दा जो चिंता का विषय है । हाल के रैंसमवेयर हमलों जैसे वांनाक्राई और पेट्या  ने बिटकॉइन या मोनेरो जैसे अन्य डिजिटल मुद्राओं में पेमेंट की मांग की है । इसके अलावा, यह पाया गया था कि कई ऑनलाइन ड्रग डीलिंग्स और अन्य आपराधिक मनी लेनदेन डिजिटल मुद्राओं के माध्यम से किए जाते हैं ।

भारतीय सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक का बिटकॉइन पर रुख

राज्य सभा के हाल ही में संपन्न हुए शीतकालीन सत्र में, डीएमके के सांसद, कनिमोझी ने क्रिप्टोकर्रेंसीओं के विनियमन पर और सरकारों का इसके स्टैंड लेने पर एक सवाल उठाया था । वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वर्तमान में, इस तरह के आभासी मुद्राएं कानूनी टेंडर की राशि नहीं है । आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव द्वारा की गई एक समिति इस मामले पर विचार कर रही है ।

आरबीआई ने 2013 में ही अपनी पहली चेतावनी जारी कर दी थी । 2017 में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने बार-बार नोटिफिकेशन जारी कर दिए कि वह आभासी मुद्राओं में लेनदेन को अधिकृत नहीं करता है । क्रिप्टोकर्रेंसीओं में निवेश करने वाले निवेशक इसे अपने ही रिस्क पर जोखिम उठा रहे है । क्रिप्टोकर्रेंसीओं में भारत का 11% वैश्विक व्यापार होता है ।

बिटकॉइन और आभासी मुद्रा का भविष्य:

बिटकॉन्स शुरूआत में केवल ऑनलाइन की सम्पादित किया जाता था, लेकिन वर्तमान में, दुनिया भर के 100 से अधिक व्यवसाय कानूनी टेंडर के रूप में बिटकॉइन स्वीकार करते हैं । माइक्रोसॉफ्ट, पेपल, और डेल जैसे कॉर्पोरेट दिग्गज, बिटकॉइन स्वीकार करते हैं । सभी क्रिप्टोकरेंसीयां जो बुनियादी सीमा सामना करते हैं वह उसका जटिल स्वरूप है । यह उपभोक्ताओं के बीच अपने व्यापक उपयोग को रोकता है । इसके अलावा, इसमें जोखिम यह है कि डिजिटल वॉलेट में सभी मुद्रा हैक हो सकता है और चोरी की जा सकती है । लेकिन ये मुद्राएं अगर समय पर व्यापक रूप से उपयोग होता हैं, तो यह निस्संदेह सरकारी विनियमन को आकर्षित करेगा । यह क्रिप्टोकरेंसीयों के कोर आईडिया को नकार देगा ।

इस प्रकार, अगर क्रिप्टोकरेंसीयां एक्सपैंड होते है, तो उन्हें विरोधाभासी मानदंडों को पूरा करना होगा । गणित को हैकर्स से सुरक्षित रखने के लिए और अधिक जटिल करने आवश्यकता है, जबकि इसे और उपभोक्ता के अनुकूल होने की जरूरत है । इसे अनामित रहने के लिए और तरीके तलाशने की जरूरत है, जबकि प्रणाली को एक अपराधिता के रूप में सहायक बनने नहीं देना चाहिए । इसलिए, क्रिप्टोकरेंसीयों का भविष्य कठोर विनियमित राष्ट्रीय मुद्राओं और वर्तमान के क्रिप्टोकरेंसीयों के बीच होना चाहिए । यह इस बात पर निर्भर करता है कि कैसे मुख्य क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन इन चुनौतियों का संचालन करता है ।

 

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